राजस्थान: प्रदेश में अरावली को लेकर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस ने कर दिया आंदोलन ऐलान
राजस्थान: प्रदेश में अरावली को लेकर सियासी संग्राम
तेज, कांग्रेस ने कर दिया आंदोलन ऐलान
बीकानेर/जयपुर, अरावली पर्वतमाला को लेकर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ऐलान किया है कि अरावली को बचाने के लिए कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन करेगी। आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की शीघ्र बैठक बुलाई जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि अरावली में खनन की अनुमति देने के बदले कंपनियों से चंदा वसूला जा रहा है और भाजपा शासन में खनन माफिया व प्रशासन के बीच गहरी सांठगांठ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संगठित गिरोह की तरह देश की खनिज संपदा को लूटने में लगी है।
सरकार जनता को भ्रमित कर रही है : डोटासरा
डोटासरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार यह प्रचार कर रही हैं कि केवल 0.91 प्रतिशत वन क्षेत्र में खनन होगा, जबकि हकीकत में लगभग 68 हजार एकड़ भूमि को खनन विभाग को सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी पर भी संवैधानिक पद पर रहते हुए राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री स्पष्ट करें अरावली बचाने की योजना : जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री यह दावा कर रहे हैं कि अरावली को कोई नुकसान नहीं होने देंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वे ऐसा कैसे करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर न्यायालय का रुख करेंगे। जूली ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का क्षेत्र में 50 से अधिक खानों को खोलने का रास्ता दिया था, जिसे बाद में न्यायालय की सख्ती के चलते रोका गया।
